Saturday, 22 August 2015

ख़बर



- मनोज कुमार झा

आपके सामने
जो ख़बर है
दरअसल ख़बर वो नहीं है
ख़बर छुपा ली गई है
बड़ी सफ़ाई से
आपको चंद हवाले
दे दिए गए
आप आंकड़ों में
उलझ गए
वो ख़बर
छप नहीं सकती
वो दुर्घटना में मौत
हत्या
बलात्कार और दंगे की
ख़बर नहीं
वो मंगल पर यान पहुंचने की
प्रधानमंत्री का दसलखिया सूट
करोड़ों में नीलाम होने की
ख़बर नहीं है
वो ख़बर किसी को
फांसी पर लटकाने की भी
नहीं है
वो तो बड़ी संगीन
ख़बर है
इतनी कि किसी अख़बार में
छप नहीं सकती
वो हमारे या आपके
होने या न होने से
शायद ताल्लुक रखती है।

Friday, 21 August 2015

कहां है कोई जगह

- मनोज कुमार झा

कहां है कोई जगह
तुमसे मिलने की
कम होती जा
रही है
हर जगह
जहां किसी भी तरह
हो सके मिलना
जैसे इस मौसम में ही
कोई खोट है
तो हमारा मिलना
बहुत ही मुश्किल है
जैसे प्रकृति में
तुम्हारा बचपन है
कभी सुनाई पड़ जाता है
तो फ़िर कुछ
लालसाएं भी
उमड़ने लगती हैं
पर पल में
सब निरर्थक
लगता है
समय किसी
प्रलाप की तरह
निरंतर जारी रहता है
तो फ़िर
कहीं कोई
जगह नहीं
तुमसे मिलने की।