'किस ऑफ लव' संस्कृति विरोधी आयोजन है। इस तरह भगवा प्रतिक्रियावाद का विरोध नहीं किया जा सकता। जो युवा यह आयोजन कर रहे हैं, जाहिर है वो उच्च और मध्य वर्ग के हैं और उन्हें जनता की बुनियादी समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। सार्वजनिक स्थलों पर चूमाचाटी, लिपटाचिपटी और अंगप्रदर्शन की इज़ाजत किसी संस्कृति में नहीं है। यह अराजक भोगवाद का परिचायक है।