Friday, 7 November 2014

मनोज कुमार झा की कुछ खास गज़लें-10


बंदानवाज़ औ' दिलनवाज़ में फ़र्क तो देखो जरा
एक सिंहासन पे बैठा एक दर-दर भटके है।

- मनोज कुमार झा

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